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Monday, January 5, 2009

दुआ

सूखे से तरसी आंखों ने
मांगी दुआ वर्षा की
पानी बरसा और बरसता ही चलागया
सब कुछ बहा गया
कुछ यूँ कबूल होती है
दुआ गरीबों की

25 comments:

makrand said...

सब कुछ बहा गया
कुछ यूँ कबूल होती है
दुआ गरीबों की
sunder kavita

मुकेश कुमार तिवारी said...

रचना जी,

बहुत ही कम शब्दों में बहुत ही अच्छी रचना. बधाईयाँ.

मुकेश कुमार तिवारी

सागर नाहर said...

यानि मरना तो गरीब को हर हाल में है ही... सूखे से या सब कुछ बह जाने से!
बहुत सुन्दर कविता।

Amit K Sagar said...

बहुत खूबसूरत. जारी रहें.
---
अमित के सागर

रजनीश के झा (Rajneesh K Jha) said...

आपका स्वागत है,
सुन्दर शब्दों का संकलन है, जारी रखें.
बधाई
रजनीश के झा
http://rajneeshkjha.blogspot.com/

अमिताभ said...

rachna ji ,
sundar kavita likhi hai aapne.umeed karta hun aage bhi isi trh ki umda rachnaye padhne ko milti rahegi

"dua dava hai dua khuda hai"


with best wishes
amitabh

JHAROKHA said...

Rachna ji,
DUAA ..kavita to gagar men sagar jaisee hai.Kam shabdon men apne bahut kuchh kah diya hai.Mera bhee kavitaon ka blog hai .kabhee mere blog par aiye apka svagat hai.
Poonam

Amit said...

bahut acchi rachna .........

dr. ashok priyaranjan said...

रचना जी,
कम शब्दों में संवेदना को व्यापक िवस्तार िदया है आपने । कथ्य और शिल्प की दृष्टि से बहुत प्रभावशाली रचना है । उम्मीद है यह सिलसिला जारी रहेगा । मैने अपने ब्लाग पर एक लेख लिखा है - आत्विश्वास के सहारे जीतंे जिंदगी की जंग-समय हो तो पढें और कमेंट भी दें-

http://www.ashokvichar.blogspot.com

अक्षय-मन said...

छोटी सी रचना पर कहती बहुत कुछ है उनका आसरा भी तो वही है न एक ऊपर वाला वो उम्मीद भी तो उससे ही करता है अगर आम नागरिक से उम्मीद करेगा तो..............................?
aapne bahut accha likha hai.......


अक्षय-मन

Suresh Chiplunkar said...

हिन्दी चिठ्ठा विश्व में आपका हार्दिक स्वागत है, खूब लिखें, मेरी शुभकामनायें… एक अर्ज है कि कृपया वर्ड वेरिफ़िकेशन हटा दें ताकि टिप्पणी देने में बाधा न हो और इस सुविधा की फ़िलहाल हिन्दी ब्लॉग में आवश्यकता नहीं है… धन्यवाद

ग़ुस्ताख़ said...

एँकर1
नमस्कार, साल 2 हज़ार 8 की सिनेमा की खबरों के साथ हाजिर है रंग तरंग, मैं हूं मंजीत ठाकुर,

स्टिंग-








एंकर 2-
सबसे पहले बात साल 2008 की टॉप पांच फिल्मों की। वैसे तो ये साल बॉलिवुड के लिए कुछ कास रहा नहीं, और कॉमिडी के नाम पर फूहड़ हास्य परोसा जाता रहा लेकिन इन सभके बीच कुछ फिल्में अच्छी भी आई और कुछ ऐसी फिल्में भी रहीं जो कंटेंट के लिहाज से अच्छी भले न हो लेकिन कारोबार उन्होंने रेकॉर्डतोड़ किया।

फिल्म वीओ


एंकर3-
और अब ऐसे नायको की बात जिनकी तूती बोली इस साल बॉक्स ऑफिस पर। तीन खानों में से सलमान को छोड़ शाहरुख और आमिर ने अपनी प्रतिष्ठा के ंमुताबिक ही प्रदर्शन किया, खासकर आमिर के लिए यह साल सुनहरा रहा। तारे ज़मीं पर को ऑस्कर के लिए बेजना हो या गजनी की बेहतर शुरुआत आमिर सातवें आसमान पर रहे। लेकिन बॉक्स ऑफिस के असले राजा तो बने रहे अॿय कुमार। साबित हो गया कि अॿय इज़ किंग।
टॉप हीरो
एंकर-4
इस साल नायिकाओं में अव्वल कौन होगा ये सवाल अहम रहा। करीना की पुरज़ोर कोशिशो के बाद भी कतरीना का बोलबाला रहा और कई हिट फिल्मंे उन्होंने दीं। करीना कई वजहों से चर्चा में आईं लेकिन उन्हें नंबर दो से संतोष करना पड़ा।

हीरोइन्स





एंकर5-
और अब लेते हैं एक छोटा सा ब्रेक, ब्रेक के बाद दिखाएंगे टॉप पांच गाने कहीं जाइए नहीं, देखते रहिए डीडी न्यूज़










एंकर6-
परदे पर पहचाने जाते हैं हीरो, तालियां उनके नाम पर बजती हैं लेकिन इसके असली हकदार होते हैं फिल्म के निर्देशक जो काग़ज़ पर पड़ी कहानी को रुपहले परदे पर उतारने का जतन करते हैं। आइए देखते हैं कौन हैं इस साल के पांच आला निर्देशक-

टॉप निर्देशक




एकर 7-
आइए अब आपको दिखाते हैं उऩ फिल्मों के बारे में जिन्हे कारोबार मेंकामयाबी मिली हो या न मिली हो लेकिन इऩ फिल्मों ने एक नई ज़मीन तोड़ी। आइए आपको दिखाते हैं ऐसी तीन फिल्मों के बारे में जो कला और कहानी के नज़रिए से थीं बिलकुल हटके।

क्रिटिक च्वॉइस




एंकर8-
और अब उन गानों की बात जो रही इस साल पहले पांच पायदानों पर। हमारी ये रैंकिंग आपकी पसंद और गानों की लोकप्रियता पर आधारित है।

5 गाने







एंकर9-
आज के रंग तरंग में बस इतना ही, हमारा आज का कार्यक्रम कैसा लगा ये भी हमें ज़रुर बताएं..हमारा पता है वहीं है--
रंग तरंग कमरा नं 119, डीडी न्यूज़, सीपीसी खेल गांव नई दिल्ली 110049 और हमारा इमेल का पता है- रंगतरंगडीडी एट जीमेल डॉट कॉम। अब विदा दीजिए,मुझे यानी मंजीत ठाकुर को और हमारी पूरी टीम कोा, अगले हफ्ते रंग तरंग के साथ फिर हाजिर होऊंगा, नमस्कार।

श्यामल सुमन said...

बादलों के दर्मियां न जाने क्या साजिश हुई।
मेरा घर मिट्टी का था मेरे घर बारिश हुई।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288
मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।
www.manoramsuman.blogspot.com

रचना गौड़ ’भारती’ said...

नववर्ष् की शुभकामनाएं
कम शब्दों मे बेहतरीन कविता
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लि‌ए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com

HEY PRABHU YEH TERA PATH said...

आदरणीया रचना जी
अभिवंदन

"कुछ यूँ कबूल होती है
दुआ गरीबों की"
आप द्वारा रचीत कविता ने मेरे दिल को छु लिया। अति सुन्दर॥॥॥।

मेरे ब्लोग को देखे।
जय हिन्द।

HEY PRABHU YEH TERA PATH
http://ombhiksu-ctup.blogspot.com/
ctup.bhikshu@gmail.com

पवन *चंदन* said...

बेहद खूबसूरत रचना
वाह वाह

Jyotsna Pandey said...

ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है!
मेरी शुभकामनाएं!
मेरे ब्लॉग पर भी आपका स्वागत है.

chopal said...

बहुत ही मार्मिक कविता है। भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है। बहुत अच्छी रचना है। बादलों ने जाने क्यूं ऐसी साजिश रची, एक मेरा धर छोड़कर पूरे शहर में बरसात हुई।
अगर आप वर्ड वेरिफिकेशन हटा दें तो टिप्पणी करने में आसानी होगी।
merichopal.blogspot.com

Vijay Kumar Sappatti said...

rachana ji ,

kavita bahut sundar ban padi hai .. aur sandesh detihui hai..
badhai..

pls visit my blog for new poems.
Vijay
www.poemsofvijay.blogspot.com

आनंदकृष्ण said...

ब्लोगिंग की दुनिया में आपका हार्दिक स्वागत है. एक समर्थ और सार्थक अभिव्यक्ति के लिए सिर्फ़ बधाई काफी नहीं होती..... आपका लेखन फले-फूले और आपके शब्दों को नित नए अर्थ और रूप मिलें यही शुभ कामना है.

मेरे ब्लॉग पर भी पधारें.
http://www.hindi-nikash.blogspot.com

सादर-
आनंदकृष्ण, जबलपुर

sanjaygrover said...

आज का दिन ऐतिहासिक है। मैं आपके ब्लाॅग पर आया हूँ।
दरअसल...
इधर से गुज़रा था सोचा सलाम करता चलूंऽऽऽऽऽ
संजय ग्रोवर, संवादघर

परा वाणी - the ultimate voice said...

रसात्मक और सुंदर अभिव्यक्ति

परा वाणी - the ultimate voice said...

रसात्मक और सुंदर अभिव्यक्ति

अनंत आलोक said...

वाह क्या दुआ है ! खूबसूरत |

Leonkmwm said...

rachna ji , sundar kavita likhi hai aapne.umeed karta hun aage bhi isi trh ki umda rachnaye padhne ko milti rahegi "dua dava hai dua khuda hai" with best wishes amitabh